दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने बजट 2024 में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित धनराशि में बढ़ोतरी की है। इस कदम से क्षेत्र के वायु गुणवत्ता में सुधार और नागरिकों को स्वच्छ हवा में सांस लेने का मौका मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने एनसीएपी के लिए 850 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 100 करोड़ रुपये अधिक है। इस राशि का उपयोग प्रदूषण से निपटने, जागरूकता बढ़ाने और नए नियम बनाने के लिए किया जाएगा। केंद्र सरकार की इस पहल का एक बड़ा हिस्सा दिल्ली-एनसीआर पर खर्च किया जाएगा, ताकि प्रदूषण से पीड़ित लोगों को राहत मिल सके।
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) की कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, “यह बढ़ोतरी प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए है, जिससे एनसीएपी को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।” उन्होंने जोर दिया कि प्रदूषण के सभी प्रमुख क्षेत्रों में, जैसे उद्योग, परिवहन और अन्य दहन स्रोतों पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।
डॉ. अरुणाभा घोष, ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (सीईईडब्ल्यू) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा, “बजट 2024 में टिकाऊ अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। ये प्रावधान स्वच्छ ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ जल उपचार, वायु गुणवत्ता और नदी बाढ़ जैसे मुद्दों को भी संबोधित करेंगे।”
द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) के वरिष्ठ साथी आर सुरेश ने भी सरकार के इस निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा, “वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। अतिरिक्त धनराशि आवंटित करके सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।”
इस पहल से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्रोतों की निगरानी में सुधार होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों उपायों की आवश्यकता है। यह बजट देश की स्वच्छ ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ हरित औद्योगिकीकरण को भी बढ़ावा देगा।
Source and data – अमर उजाला
