






भारत में पिछले कुछ दशकों में पक्षियों की संख्या में निरंतर गिरावट आई है, जो पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है। विशेष रूप से, गिद्धों की संख्या में तेज़ी से कमी और कृषि भूमि, चरागाहों, घास के मैदानों, और रेगिस्तानी क्षेत्रों में पक्षियों की घटती आबादी चिंता का विषय बनी हुई है। हाल ही में प्रकाशित लिविंग प्लैनेट…
पानी में घुली ऑक्सीजन जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है, लेकिन हाल के वर्षों में जल स्रोतों में इसकी कमी चिंताजनक स्तर तक पहुंच चुकी है। नई रिसर्च के अनुसार, पिछले चार दशकों में झीलों में 5.5% और जलाशयों में 18.6% ऑक्सीजन की गिरावट आई है। महासागरों में भी 1960 के बाद से 2% की कमी दर्ज की गई है।…
देश में इन दिनों प्रचंड गर्मी और देहदाहक लू चल रही है। इसका कारण हाल के वर्षों में तेज हुई जलवायु परिवर्तन की घटनाओं से भी जोड़ा जा सकता है। बीते दस वर्षों में सबसे ज्यादा गर्मी इस साल पड़ी है। कुछ शहरों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ऐसे में लोगों को गर्मी से बचने के…
स्वस्थ भोजन के महत्व को समझते हुए, भारत को अपने पड़ोसी देशों…
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले तीन से चार दिनों में तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू होने की संभावना है। हालांकि, यह गिरावट अचानक नहीं होगी, और अगले एक…
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