हिमाचल और उत्तराखंड में कुदरत का कहर ,बादल फटने से तबाही, 22 की मौत…54 लापता

saurabh pandey
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हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल फटने से भारी तबाही मची है। हिमाचल में कम से कम छह जगहों पर बादल फटने की घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 49 अन्य लापता हैं। उत्तराखंड में बुधवार और गुरुवार को 16 लोगों की मौत हुई, जिसमें हरिद्वार में छह, देहरादून में दो और चमोली में एक व्यक्ति शामिल है। टिहरी में परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। राज्य में पांच लोग लापता हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग बह जाने से प्रशासन ने यात्रा को फिलहाल रोक दिया है।

हिमाचल प्रदेश में स्थिति

कुल्लू, मंडी, चंबा और लाहौल में छह जगहों पर बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिसमें सात पुल बह गए और मलाणा बांध टूट गया। मंडी जिले के भीमद्वारी, मलाणा, राजवन, चंबा के राजनगर और लाहौल के जाहलमा में बादल फटने की घटनाएं हुईं। कुल्लू के निरमंड में रात 12 बजे नैन सरोवर और भीमद्वारी में एक साथ बादल फटा। इसका पानी वागीपुल, समेज और गानवी की ओर आया, जिससे 30 किलोमीटर नीचे तक तबाही मची।

शिमला-कुल्लू सीमा पर समाज में खड्ड में आई बाढ़ में 30 घर बह गए। यहां छह बच्चों समेत 36 लोग लापता हैं। एक स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और दो बिजली परियोजनाएं नष्ट हो गईं। इसके चलते दो एनएच समेत 445 सड़कें बंद हैं और सात पुल बह गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और सतलुज व व्यास नदियों का जलस्तर खतरे के करीब पहुंच रहा है। श्रीखंड महादेव मार्ग पर भीमाद्वारी में करीब 250 लोग फंसे हुए हैं। रामपुर में गानवी खड्ड में आई बाढ़ में पांच घर, तीन वाहन और एक पुल बह गए। शिमला में कई जगह भूस्खलन हुआ है।

उत्तराखंड में स्थिति

उत्तराखंड में गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर भीमावाली से 20-25 मीटर आगे रास्ता बह गया है, जिससे यात्रा रोकनी पड़ी। वहां फंसे 1,525 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हिमाचल में सात घंटे में सामान्य से 305 मिमी अधिक बारिश दर्ज की गई है। सतलुज और व्यास के उफान पर होने के कारण केदारनाथ यात्रा भी रोकनी पड़ी।

पीएम मोदी की नजर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद हालात और राहत कार्यों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने हिमाचल में किसी भी आपात स्थिति के लिए वायुसेना को तैयार रहने को कहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से बात की। शाह ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

अन्य राज्यों में भी बारिश का कहर

दिल्ली: बिजली का झटका लगने से 12 वर्षीय लड़के और 26 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। सब्जी मंडी इलाके में एक की मौत और तीन घायल हुए हैं।

बिहार: बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 12 लोगों की मौत हुई है। गया में पांच, जहानाबाद में तीन, रोहतास और नालंदा में दो-दो लोगों की मौत हुई है।

झारखंड: लातेहार जिले में देवघर से लौट रहे कांवड़ियों की कार बिजली के खंभे से टकराई, जिससे दो नाबालिगों समेत पांच कांवड़ियों की मौत हो गई।

राजस्थान: जयपुर के विश्वकर्मा इलाके में गुरुवार सुबह घर के बेसमेंट में भरे बारिश के पानी में फंसकर छह साल की बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हो गई। झालावाड़ में कालीसिंध नदी में बहकर तीन लोगों की मौत हो गई।

मंडी में स्थिति

मणिकर्ण घाटी में बादल फटने से आई बाढ़ में इमारत ढह गई। वहीं, मंडी के राजवन में बचावकर्मी मलबा हटाकर लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल फटने से आई यह आपदा कुदरत की ताकत का एक भयावह उदाहरण है। भारी बारिश और बाढ़ ने दोनों राज्यों में व्यापक तबाही मचाई है, जिससे दर्जनों लोगों की मौत हो गई है और कई लोग लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं, और स्थानीय प्रशासन, वायुसेना, और अन्य राहत संगठनों ने पूरी शक्ति के साथ काम करना शुरू कर दिया है।

इस स्थिति ने हमें यह सिखाया है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और तैयारी कितनी महत्वपूर्ण है। हम सभी को ऐसे समय में एकजुट होकर एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में योगदान देना चाहिए। उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता और सुरक्षा मिल सकेगी।

source and data – अमर उजाला

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