मिशन मौसम: 2,000 करोड़ रुपये की लागत से चरम मौसम घटनाओं और जलवायु परिवर्तन से निपटने की नई पहल

saurabh pandey
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मिशन मौसम: 2,000 करोड़ रुपये का बड़ा कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘मिशन मौसम’ को लागू करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की लागत की मंजूरी दे दी है। इस मिशन का उद्देश्य भारत के मौसम और जलवायु से संबंधित विज्ञान, अनुसंधान और सेवाओं को उन्नत करना है। मिशन मौसम के अंतर्गत, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय एक बहुआयामी और परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत करेगा, जो चरम मौसम घटनाओं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में मदद करेगी।

मुख्य विशेषताएँ:

  • विज्ञान और अनुसंधान में बढ़ावा: मिशन का उद्देश्य वायुमंडलीय विज्ञान और जलवायु परिवर्तन में उन्नत अनुसंधान प्रदान करना है, जिससे नागरिकों और हितधारकों को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके।
  • समुदायों और पारिस्थितिकी प्रणालियों की क्षमता में वृद्धि: यह कार्यक्रम लंबे समय में समुदायों, क्षेत्रों और पारिस्थितिकी प्रणालियों की अनुकूलन क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगा।
  • उन्नत तकनीक का उपयोग: मौसम की निगरानी और पूर्वानुमान में सुधार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और उच्च तकनीक कंप्यूटिंग का उपयोग किया जाएगा।

38,000 इलेक्ट्रिक बसों की योजना: 3,435 करोड़ रुपये का निवेश

सरकार ने 3,435.33 करोड़ रुपये की लागत के साथ 38,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों (ई-बसों) के परिचालन को भी मंजूरी दे दी है। यह योजना पीएम-ई-बस सेवा और पीएम-ई-बस सेवा-भुगतान सुरक्षा तंत्र (पीएसएम) के तहत कार्यान्वित की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में सुधार करना है और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • पर्यावरणीय लाभ: ई-बसें डीजल/सीएनजी पर चलने वाली बसों की तुलना में पर्यावरण के लिए कम हानिकारक हैं। इनकी परिचालन लागत भी कम होगी।
  • मौसम की निगरानी और अनुसंधान: योजना के तहत उन्नत अवलोकन प्रणाली और तकनीक का उपयोग करके मौसम की निगरानी, मॉडलिंग और पूर्वानुमान में सुधार किया जाएगा।
  • सटीकता में सुधार: कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों के एकीकरण से अधिक सटीक मौसम पूर्वानुमान संभव होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन योजनाओं को भारत की जलवायु परिवर्तन से संबंधित चुनौतियों का समाधान करने और सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को सशक्त बनाने के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। इन पहलों से न केवल पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आएगा।

केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित ‘मिशन मौसम’ और इलेक्ट्रिक बसों की योजना जलवायु परिवर्तन और सार्वजनिक परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। 2,000 करोड़ रुपये के मिशन मौसम का उद्देश्य उन्नत मौसम विज्ञान, अनुसंधान, और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को बेहतर तरीके से समझने और प्रबंधित करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करना है। इसके साथ ही, 38,000 ई-बसों का परिचालन भारत के सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने और परिचालन लागत को कम करने में सहायक होगा।

इन पहलों से न केवल पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान होगा, बल्कि इससे नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा भी बढ़ेगी। सरकार की ये योजनाएँ प्रदूषण में कमी, जलवायु अनुकूलन, और टिकाऊ परिवहन विकल्पों के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इन महत्वपूर्ण कदमों के माध्यम से, भारत को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और एक स्वच्छ, सुरक्षित, और आधुनिक परिवहन प्रणाली स्थापित करने में मदद मिलेगी।

Source- amar ujala

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