दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है, जिसके तहत 10,000 सिविल डिफेंस वालंटियर की तैनाती की जाएगी। पर्यावरण मंत्री आतिशी ने बताया कि यह कदम दीपावली के दौरान बढ़ते प्रदूषण पर काबू पाने और विभिन्न प्रदूषण-रोधी उपायों को सख्ती से लागू करने के लिए उठाया जा रहा है।
प्रदूषण कम करने की योजना और स्वयंसेवकों की भूमिका
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), और परिवहन विभाग के सहयोग से ये वालंटियर तैनात होंगे। इनका मुख्य उद्देश्य प्रदूषण के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाना और प्रदूषण-रोधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
- अगले सप्ताह से पंजीकरण शुरू होगा और इसके तुरंत बाद चार दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- वालंटियरों को चार महीने तक प्रदूषण नियंत्रण के विभिन्न अभियानों में शामिल किया जाएगा।
- विशेष ध्यान दीपावली के समय पटाखों के इस्तेमाल पर रोक लगाने पर होगा।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने भी बताया कि ‘दीप जलाएं, पटाखे नहीं जलाएं’ अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस अभियान में वालंटियर लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
पटाखों पर सख्त प्रतिबंध और क्रियान्वयन में चुनौतियां
गोपाल राय ने बताया कि कई जगहों से फीडबैक मिला है कि पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद बॉर्डर से पटाखों की अवैध आपूर्ति जारी है। उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) को पत्र लिखा है और पुलिस से सख्त कार्रवाई का अनुरोध किया है।
“अगर हम पटाखों पर सख्ती से प्रतिबंध नहीं लगाएंगे, तो वायु प्रदूषण का असर सभी पर पड़ेगा। हर किसी को इस अभियान का हिस्सा बनना होगा,” राय ने कहा। उन्होंने बताया कि डीपीसीसी के अधिकारियों को भी जल्द बुलाकर निगरानी और प्रतिबंधों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑड-ईवन और रेड लाइट अभियानों में सफलता
- दिल्ली सरकार ने पहले भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए ऑड-ईवन फॉर्मूला और रेड लाइट ऑन-गाड़ी ऑफ जैसे अभियानों में सिविल डिफेंस वालंटियरों की महत्वपूर्ण भूमिका देखी है।
- कई देशों में ऑड-ईवन नीति असफल रही, लेकिन दिल्ली में यह सफल रही, क्योंकि वालंटियरों ने जागरूकता फैलाने और नियमों का पालन कराने में अहम भूमिका निभाई।
- रेड लाइट ऑन-गाड़ी ऑफ अभियान में भी करीब 4,000 वालंटियर तैनात थे, जिन्होंने ट्रैफिक में वाहन बंद करने की आदत को बढ़ावा देने का काम किया।
दीपावली के लिए विशेष सतर्कता
गोपाल राय ने कहा कि पटाखों से निकलने वाले धुएं से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि यह बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए घातक साबित हो सकता है।
सरकार का उद्देश्य न केवल प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है, बल्कि जनता को जागरूक करना भी है ताकि लोग दीपावली के त्योहार को सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त तरीके से मना सकें।
दिल्ली सरकार का 10,000 सिविल डिफेंस वालंटियरों की नियुक्ति का फैसला प्रदूषण पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल का उद्देश्य प्रदूषण के खतरों से बचाव, पटाखों के इस्तेमाल पर रोक और जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना है। अगर सभी विभाग और नागरिक मिलकर काम करते हैं, तो दिल्ली में स्वच्छ हवा और बेहतर स्वास्थ्य का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
दिल्ली सरकार द्वारा 10,000 सिविल डिफेंस वालंटियरों की तैनाती का निर्णय वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक सार्थक और प्रभावी कदम है। खासकर दीपावली के समय बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पटाखों पर प्रतिबंध और जागरूकता अभियानों के माध्यम से सरकार और जनता को मिलकर काम करना होगा ताकि शहर को प्रदूषण से बचाया जा सके। यह पहल न केवल स्वास्थ्य संकट को कम करेगी, बल्कि लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगी। अगर इन प्रयासों को सफलतापूर्वक लागू किया गया, तो दिल्ली में स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
