सुखना झील वन्यजीव अभ्यारण्य के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र का विस्तार

saurabh pandey
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पंजाब सरकार ने सुखना झील वन्यजीव अभ्यारण्य के आसपास के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ईएसजेड) का विस्तार करने पर विचार किया है। यह जानकारी 24 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट को दी गई।

पंजाब की ओर से पेश एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वर्तमान में प्रस्तावित 100 मीटर का दायरा पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार सक्रिय रूप से इस दायरे को बढ़ाने पर पुनर्विचार कर रही है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2024 को होगी।

एमिकस क्यूरी ने कहा कि दो मार्च 2020 को उच्च न्यायालय ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को सुखना झील वन्यजीव अभ्यारण्य की सीमा से कम से कम एक किलोमीटर के दायरे को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने का निर्देश दिया था।

सुखना झील वन्यजीव अभ्यारण्य का क्षेत्रफल पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों में फैला हुआ है। इस विस्तार का उद्देश्य दोनों राज्यों के हिस्सों को बेहतर संरक्षण प्रदान करना और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र को मजबूत करना है।

इस प्रस्तावित विस्तार से न केवल क्षेत्र की जैव विविधता की सुरक्षा होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयास भी मजबूत होंगे। पंजाब सरकार का यह कदम पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों के महत्व को दर्शाता है और इसके संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रकट करता है।

सुखना झील वन्यजीव अभ्यारण्य

सुखना झील वन्यजीव अभ्यारण्य भारत के चंडीगढ़ में स्थित है। यह अभ्यारण्य सुखना झील के आसपास के क्षेत्रों में फैला हुआ है और इसका मुख्य उद्देश्य झील और इसके आस-पास के पर्यावरण को संरक्षित करना है। यहाँ विभिन्न प्रकार के वन्यजीव, पक्षी, और वनस्पतियाँ पाई जाती हैं, जो इस क्षेत्र को जैव विविधता से समृद्ध बनाती हैं।

सुखना झील वन्यजीव अभ्यारण्य की विशेषताएं:

  • वनस्पतियाँ और पेड़-पौधे: यहाँ कई प्रकार की वनस्पतियाँ पाई जाती हैं, जो इस क्षेत्र की जैव विविधता को बनाए रखती हैं।
  • पक्षी जीवन: यह स्थान पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। यहाँ कई प्रकार के प्रवासी और स्थानीय पक्षी पाए जाते हैं।
  • वन्यजीव: इस अभ्यारण्य में हिरण, नीलगाय, सियार, और विभिन्न प्रकार के छोटे स्तनधारी पाए जाते हैं।
  • पर्यटन: सुखना झील और इसके आस-पास का क्षेत्र पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है। यहाँ बोटिंग, ट्रैकिंग और पक्षी देखना जैसे गतिविधियाँ की जा सकती हैं।
  • संरक्षण प्रयास: चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इस अभ्यारण्य को संरक्षित करने और इसके पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न प्रयास किए जाते हैं।

सुखना झील वन्यजीव अभ्यारण्य न केवल चंडीगढ़ के लोगों के लिए बल्कि देश और विदेश के पर्यटकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है।

source – down to earth

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